Haryana Waste to Energy Plant: हिसार समेत 4 शहरों में कचरे से बनेगी 50 MW बिजली, जानिए पूरा प्लान
हरियाणा में 4 Integrated Waste-to-Energy Plant लगाए जाएंगे। हिसार क्लस्टर में रोजाना 500 टन कचरे का प्रसंस्करण कर कम से कम 5 MW बिजली पैदा होगी।
हिसार समेत हरियाणा में कचरे से बनेगी बिजली, 4 Waste-to-Energy प्लांट को मंजूरी
हिसार को सबसे पहले मिलेगा बड़ा फायदा
चंडीगढ़/हिसार। हरियाणा सरकार ने शहरी कचरा प्रबंधन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में चार Integrated Waste-to-Energy Plants स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन चारों प्लांट में रोजाना करीब 5,000 टन कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया जाएगा और इससे कुल 50 मेगावाट ऊर्जा पैदा होने की उम्मीद है। सरकार के मुताबिक चारों प्लांट अक्टूबर 2028 तक शुरू किए जाने की उम्मीद है।
हिसार क्लस्टर में रोजाना 500 टन कचरा होगा प्रोसेस
इस योजना में हिसार को खास महत्व दिया गया है। पहला Waste-to-Energy Plant हिसार क्लस्टर में स्थापित किया जाएगा। इसमें हिसार, हांसी, फतेहाबाद और जींद के शहरी स्थानीय निकाय शामिल होंगे।
इस प्लांट में रोजाना लगभग 500 टन कचरे का प्रसंस्करण किया जाएगा और इससे कम से कम 5 मेगावाट बिजली पैदा होने की उम्मीद है।
बाकी तीन प्लांट कहां लगेंगे?
सरकार की योजना के अनुसार:
हिसार क्लस्टर: 500 टन/दिन → कम से कम 5 MW अंबाला क्लस्टर: 900 टन/दिन → कम से कम 9 MW फरीदाबाद क्लस्टर: 1,600 टन/दिन → कम से कम 16 MW गुरुग्राम क्लस्टर: 2,000 टन/दिन → कम से कम 20 MW
कुल मिलाकर इन प्लांटों में 5,000 टन कचरे का रोजाना वैज्ञानिक प्रसंस्करण और 50 MW बिजली उत्पादन का लक्ष्य है।
हिसार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
हिसार में पिछले दिनों सफाई कर्मचारियों की लंबी हड़ताल के कारण शहर में कचरा जमा होने और सफाई व्यवस्था को लेकर काफी परेशानी सामने आई है। प्रशासन को कई जगहों पर अतिरिक्त कर्मचारियों और मशीनरी की मदद से कचरा उठाना पड़ा।
ऐसे समय में Waste-to-Energy Plant की योजना हिसार के लिए लंबे समय में कचरा प्रबंधन का स्थायी समाधान साबित हो सकती है। हालांकि प्लांट के शुरू होने में अभी समय लगेगा और तब तक शहर की मौजूदा सफाई व्यवस्था को बेहतर करना जरूरी रहेगा।
सरकार का ‘Waste to Wealth’ पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस पहल को कचरे को समस्या के बजाय संसाधन में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का लक्ष्य खुले में कचरा डालने और अवैज्ञानिक तरीके से उसके निपटान को कम करना है।
इन प्लांटों को Solid Waste Management Rules, 2026 के अनुरूप स्थापित किए जाने की बात कही गई है। सरकार ने यह भी कहा है कि घरों और संस्थानों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग करना यानी Waste Segregation बेहद जरूरी होगा।
📌 बड़ी बात
हिसार क्लस्टर में 500 टन कचरा → कम से कम 5 MW बिजली
अगर योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो हिसार सहित आसपास के शहरों के लिए यह कचरा प्रबंधन और ऊर्जा उत्पादन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना बन सकती है।
Source: हरियाणा सरकार की आधिकारिक प्रेस रिलीज और News On AIR.
सोशल मीडिया के लिए छोटा कैप्शन
🔥 हिसार में कचरा अब बनेगा बिजली!
हरियाणा में 4 Waste-to-Energy Plant लगाए जाएंगे। हिसार क्लस्टर में रोजाना 500 टन कचरे से कम से कम 5 MW बिजली पैदा करने की योजना है। चारों प्लांट से कुल 50 MW बिजली और रोजाना 5,000 टन कचरे का वैज्ञानिक निपटान होगा।
